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चांदी ₹3 लाख के पार निकली: बीते 1 साल में 200% से ज्यादा का रिटर्न, इसमें सिल्वर ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश

Subhash Dhayal

Published on: 19 January, 2026

चांदी की कीमत 19 जनवरी को पहली बार 3 लाख रुपए प्रति किलो के पार निकल गई है। बीते एक साल में चांदी की कीमत 2 लाख रुपए से ज्यादा बढ़ चुकी है। यानी इसकी कीमत 200% से ज्यादा बढ़ चुकी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ रही है। जिससे चांदी इस साल 4 लाख रुपए तक जा सकती है। ऐसे में अगर आप चांदी में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो सिल्वर ETF सही ऑप्शन हो सकता है। इसके जरिए आप शेयर की ही तरह चांदी में भी निवेश कर सकते हैं। इसमें आप बहुत कम यानी 300 रुपए से शुरुआत कर सकते हैं। यहां हम आपको सिल्वर ETF के बारे में बता रहे हैं… सिल्वर ETF क्या है? सिल्वर ETF यानी सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। इसे समझने के लिए बस इतना जान लो कि ये एक ऐसा फंड है, जो चांदी की कीमतों पर आधारित है। आप इसमें पैसा लगाते हैं, और ये पैसा चांदी की कीमत के हिसाब से बढ़ता-घटता है। लेकिन इसमें आपको असली चांदी खरीदने की जरूरत नहीं। ना तिजोरी चाहिए, ना लॉकर। ये सब काम फंड हाउस करता है, और आप बस स्टॉक एक्सचेंज (जैसे NSE या BSE) पर इसे डीमेट अकाउंट के जरिए खरीद-बेच सकते हैं, जैसे कोई शेयर। ये काम कैसे करता है? सिल्वर ETF का फंड हाउस असली चांदी को खरीदता है, जो 99.9% शुद्ध होती है। अब तुम जो ETF खरीदते हो, उसकी कीमत चांदी के बाजार भाव पर चलती है। अगर चांदी की कीमत बढ़ी, तो आपका ETF भी चमक उठता है। और इसे बेचना भी आसान, बस स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग टाइम में बेच दो। सिल्वर ETF में निवेश करने के हैं कई फायदे कम मात्रा में भी खरीद सकते हैं चांदी: ETF के जरिए सिल्वर यूनिट्स में खरीदते हैं। इससे कम मात्रा में चांदी खरीदना आसान हो जाता है। सिल्वर ETF की 1 यूनिट की कीमत अभी 150 रुपए के करीब है। यानी आप 150 रुपए में इसमें निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। चांदी रहती है सुरक्षित: इलेक्ट्रॉनिक चांदी डीमैट अकाउंट में होती है जिसमें सिर्फ सालाना डीमैट चार्ज देना होता है। साथ ही चोरी होने का डर नहीं होता। वहीं फिजिकल चांदी में चोरी के खतरे के अलावा उसकी सुरक्षा पर भी खर्च करना होता है। व्यापार की आसानी: सिल्वर ETF को बिना किसी परेशानी के तुरंत खरीदा और बेचा जा सकता है। यानी पैसों की जरूरत पड़ने पर आप जब चाहे इसे बेच सकते हैं। इसमें कुछ जोखिम भी हैं कीमत का उतार-चढ़ाव: चांदी की कीमतें कभी-कभी बहुत तेजी से बदलती हैं। अगर बाजार में गिरावट आई, तो ETF का मूल्य भी गिरेगा। औद्योगिक मांग पर निर्भर: चांदी का इस्तेमाल गहनों के अलावा सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और मेडिकल उपकरणों में होता है। अगर इन इंडस्ट्रीज में मांग घटी, तो चांदी की कीमत भी प्रभावित हो सकती है। सिल्वर ETF चुनते वक्त ध्यान रखने वाली बातें फंड हाउस : हमेशा ऐसे फंड हाउस का ETF चुनें, जिसका रिकॉर्ड अच्छा हो और मैनेजमेंट फी कम हो। ट्रैकिंग एरर: कुछ ETF चांदी की कीमतों को पूरी तरह फॉलो नहीं कर पाते। ऐसे में ट्रैकिंग एरर कम वाले ETF को प्राथमिकता दें। लंबा निवेश: चांदी की कीमतें छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव करती हैं, इसलिए 3-5 साल का नजरिया रखो।

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