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संसद ने इंश्योरेंस-सेक्टर में 100% FDI वाला बिल पास किया: अब विदेशी कंपनियां पूरी तरह मालिक बन सकेंगी; प्रीमियम सस्ता होने की उम्मीद

Subhash Dhayal

Published on: 17 December, 2025

संसद ने इंश्योरेंस सेक्टर में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) यानी विदेशी निवेश की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने वाला बिल पास कर दिया है। ‘सबका इंश्योरेंस सबकी रक्षा (इंश्योरेंस कानून संशोधन) बिल, 2025’ को राज्यसभा ने बुधवार को वॉइस वोट से मंजूरी दी। वहीं लोकसभा ने इसे एक दिन पहले पास किया था। इस बदलाव से विदेशी कंपनियां भारत में इंश्योरेंस कंपनियों की पूरी मालिक बन सकेंगी। जिससे सेक्टर में ज्यादा पूंजी आएगी और इंश्योरेंस कवरेज बढ़ेगा। बिल में क्या बड़े बदलाव किए गए हैं यह बिल इंश्योरेंस एक्ट 1938, लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन एक्ट 1956 और IRDAI एक्ट 1999 में संशोधन यानी बदलाव करता है। मुख्य बदलाव FDI लिमिट को 100% करना है। इसके अलावा पॉलिसी होल्डर्स की बेहतर सुरक्षा के लिए पॉलिसी होल्डर्स एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड बनाया जाएगा। नॉन-इंश्योरेंस कंपनी का इंश्योरेंस फर्म से मर्जर भी आसान होगा। अब तक सेक्टर में FDI से 82,000 करोड़ रुपए आए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में कहा, ‘इस संशोधन से विदेशी कंपनियां ज्यादा कैपिटल ला सकेंगी। कई मामलों में विदेशी कंपनियां जॉइंट वेंचर पार्टनर नहीं ढूंढ पातीं, इसलिए 100% FDI से उन्हें भारत में एंट्री आसान होगी।’ उन्होंने बताया कि ज्यादा कंपनियां आएंगी तो कॉम्पिटिशन बढ़ेगा और प्रीमियम कम हो सकता है। पहले FDI 26% से 74% करने पर सेक्टर में जॉब्स लगभग तीन गुना हो गईं, अब और रोजगार बढ़ने की उम्मीद है। हमारा लक्ष्य 2047 तक सबको इंश्योरेंस कवर देना है। FDI की लिमिट पहले कितनी थी पहले इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की लिमीट 26% थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 74% कर दिया गया। इस दौरान सेक्टर में काफी ग्रोथ हुई और जॉब्स बढ़े। अब 100% FDI से विदेशी कंपनियां बिना भारतीय पार्टनर के पूरी तरह कंपनी चला सकेंगी। हालांकि, कुछ शर्तें जैसे चेयरमैन, MD या CEO में से एक भारतीय नागरिक होना जरूरी रहेगा। विपक्ष ने क्या कहा और आगे क्या असर होगा विपक्ष ने बिल को संसदीय कमिटी के पास भेजने की मांग की, लेकिन सदन ने इसे खारिज कर दिया। उनका कहना था कि जल्दबाजी में बिल पास किया जा रहा है। सरकार ने कहा कि दो साल से कंसल्टेशन चल रहा था। इस बदलाव से इंश्योरेंस पेनेट्रेशन बढ़ेगा, प्रीमियम सस्ता होगा और नई टेक्नोलॉजी आएगी। सेक्टर की ग्रोथ तेज होगी और पॉलिसी होल्डर्स को बेहतर प्रोटेक्शन मिलेगा। विदेशी कंपनियां ज्यादा निवेश करेंगी, जिससे कॉम्पिटिशन बढ़ेगा और कस्टमर्स को फायदा होगा। भारत में इंश्योरेंस पेनेट्रेशन कितना है भारत में अभी इंश्योरेंस पेनेट्रेशन यानी बीमा की पहुंच (प्रीमियम का GDP में हिस्सा) करीब 3.7% है, जो दुनिया के कई देशों से कम है। 2047 तक ‘इंश्योरेंस फॉर ऑल’ का लक्ष्य है। पहले FDI बढ़ाने से सेक्टर में 82,000 करोड़ रुपए आए और जॉब्स तीन गुना हुए। अब 100% FDI से और तेज ग्रोथ की उम्मीद है।

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